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Bhavina Patel (Silver Medal) Paralympics-2020, Complete Biography in Hindi [भाविना पटेल (टेबल टेनिस खिलाड़ी) का जीवन परिचय, टोक्यो पैरालंपिक, रजत पदक]

भाविना पटेल का जीवन परिचय, टेबल टेनिस खिलाड़ी, टोक्यो पैरालंपिक मैडल, कहानी, धर्म, जाति, परिवार, पति, करियर [Bhavina Patel Tokyo Paralympics 2020, Biography in Hindi] ( Table Tennis, Final Ranking, Medal, Religion, Caste, Career, Marriage etc.)

भाविना पटेल( Bhavina Patel) एक भारतीय पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं। टोक्यो पैरालिंपिक 2020 में भारत की भाविना पटेल ने टोक्यो में चल रहे पैरालंपिक गेम्स में इतिहास रचा है। अपने पहले ही पैरालंपिक में भाविना पटेल सिल्वर मेडल जीतने में कामयाब रहीं। इस रजत पदक के साथ भाविना भारत के लिए पैरालिंपिक में पदक जीतने वाली पहली टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं और यह उपलब्धि हासिल करने वाली, पीसीआई प्रमुख दीपा मलिक के बाद दूसरी महिला एथलीट हैं। मलिक ने रियो 2016 में महिलाओं के शॉटपुट में रजत पदक जीता था।

भाविना के पास हालांकि गोल्ड जीतने का मौका था लेकिन फ़ाइनल में चीन की झोउ यिंग ने उन्हें सीधे गेम में मात दी। 19 मिनट तक चले मुकाबले में भाविना पटेल वर्ल्ड नंबर वन झोउ यिंग को कड़ी टक्कर देने में क़ामयाब नहीं हो पाईं। यिंग ने पहले गेम से ही भाविना पर दबाव बना लिया। यिंग ने पहला गेम 11-7 से अपने नाम किया। दूसरे गेम में तो यिंग का प्रदर्शन और ज़्यादा शानदार रहा और उन्होंने दूसरा गेम 11-5 से अपने नाम किया। तीसरे गेम की शुरुआत में भाविना ने वापसी की कोशिश की लेकिन यिंग ने तीसरा गेम भी 11-6 से जीतकर दिखा दिया कि क्यों वो दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी हैं। 

भाविना पटेल के जीवन और उपलब्धियों के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए आगे पढ़ते रहें।

भाविना पटेल-जीवन परिचय (Bhavina Patel Biography in Hindi)

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Bhavina Patel Biography in Hindi

जीवन परिचय (Biography)

Real NameBhavina Hasmukhbhai Patel
NicknameBhavina
ProfessionPara Table Tennis Player
Age34 Years
Date of Birth6 November 1986
BirthplaceMehsana, Gujarat, India
HometownMehsana, Gujarat, India
Zodiac SignScorpio
NationalityIndian
ReligionHinduism
CollegeBlind People’s Association, Ahmedabad (the place she discovered desk tennis)
HobbiesTraveling
Famous For(Silver Medal) Tokyo Paralympics 2020
Bhavina Patel Biography in Hindi

जन्म एवं प्रारंभिक जीवन (Birth and Early Life)

भाविना पटेल का जन्म 6 नवंबर 1986 को मेहसाणा, गुजरात, में एक भारतीय गुजराती परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम भाविना हसमुखभाई पटेल है । भाविना के गांव का नाम सुधिया है। भाविना बहुत अच्छा टेबल टेनिस खेलती हैं। भाविना अपने खेल को लेकर बेहद समर्पित हैं उनके इसी ज़ज़्बे के कारण वे टेबल टेनिस खेलते हुए टोक्यो पैरालिंपिक 2020 तक पहुचीं और रजत पदक हासिल करने में क़ामयाब हुईं।

परिवार (Family)

भाविना एक छोटे से गुजराती परिवार से हैं। भाविना के पिता का नाम हँसमुख भाई पटेल है। भाविना की मां और बहन हैं, लेकिन उनकी मां और बहन के बारे में ज़्यादा जानकारी मौज़ूद नहीं है।

वैवाहिक जीवन (Marriage )

भाविना विवाहित हैं, उनके पति का नाम निकुल पटेल है, जो पेशे से एक व्यवसायी है। भाविना कहती हैं कि उनके खेल को उनके पति काफी सपोर्ट करते हैं।

Bhavina Patel Biography in Hindi
Bhavina Patel Biography in Hindi

शिक्षा (Education)

उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा अपने गृहनगर के एक स्कूल में पूरी की। फिर उन्होंने अहमदाबाद में ब्लाइंड पीपुल्स एसोसिएशन[Blind People’s Association, Ahmedabad (the place she discovered desk tennis)] में भाग लिया, जहाँ उन्होंने आईटीआई कोर्स किया और यहीं से उनकी डेस्क टेनिस की शुरुआत हुई।

करियर (Career)

भाविना पिछले दस वर्षों से अधिक समय से पैरा टेबल टेनिस प्रतियोगिताओं में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। उन्होंने विभिन्न देशों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में कई पदक जीते हैं। वह 2011 में विश्व रैंकिंग में नंबर 2 स्थान पर थीं। पीटीटी थाईलैंड (PTT Thailand Table Tennis Championship-2011) में रजत पदक जीता। तब से उन्होंने विभिन्न स्पर्धाओं में कई रजत और कांस्य पदक जीते हैं।

टोक्यो पैरालिंपिक 2020 में, उन्होंने प्रमुख टेबल टेनिस खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ जीत हासिल की। सेमीफाइनल में भाविना ने झांग मियाओ के खिलाफ जीत हासिल कर स्वर्ण पदक के लिए फ़ाइनल में पहुँचीं।

फ़ाइनल में चीन की झोउ यिंग ने उन्हें सीधे गेम में मात दी। 19 मिनट तक चले मुकाबले में भाविना पटेल वर्ल्ड नंबर वन झोउ यिंग को कड़ी टक्कर देने में क़ामयाब नहीं हो पाईं। यिंग ने पहले गेम से ही भाविना पर दबाव बना लिया। यिंग ने पहला गेम 11-7 से अपने नाम किया। दूसरे गेम में तो यिंग का प्रदर्शन और ज़्यादा शानदार रहा और उन्होंने दूसरा गेम 11-5 से अपने नाम किया। तीसरे गेम की शुरुआत में भाविना ने वापसी की कोशिश की लेकिन यिंग ने तीसरा गेम भी 11-6 से जीत लिया। इस कड़े मुक़ाबले में भाविना पटेल ने रजत पदक हासिल कर इतिहास रच दिया।

कोच एवं ट्रेनिंग (Coach Training)

उनके कोच का नाम ललन दोशी है जो टीम अधिकारी तेजलबेन लाखिया के मार्गदर्शन के साथ-साथ प्रदर्शन में सुधार करने में उनकी मदद करते हैं।

टोक्यो पैरालिंपिक 2020 (Tokyo Paralympic 2020)

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Bhavina Patel Biography in Hindi

भाविना पटेल का टोक्यो पैरालंपिक में सफर बेहद ही शानदार रहा। भाविना पटेल ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर 12 पर मौजूद भाविना बड़े-बड़े खिलाड़ियों को मात देकर आगे बढ़ीं। प्री-क्वार्टर फाइनल में भाविना पटेल ने वर्ल्ड नंबर-8 खिलाड़ी को मात दी।

क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में तो भाविना पटेल ने क़माल कर दिया। भाविना पटेल ने क्वार्टर फाइनल में रियो पैरालंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट और नंबर टू खिलाड़ी को मात दी। चीन की स्टार खिलाड़ी और वर्ल्ड नंबर-3 को सेमीफाइनल में मात देकर भाविना ने भारत के लिए मेडल पक्का कर दिया था। लेकिन फ़ाइनल में चीन की झोउ यिंग ने उन्हें सीधे गेम में मात दी। 19 मिनट तक चले मुकाबले में भाविना पटेल वर्ल्ड नंबर वन झोउ यिंग को कड़ी टक्कर देने में क़ामयाब नहीं हो पाईं। लेकिन रजत पदक हासिल कर इतिहास रच दिया।

भाविना पटेल से संबंधित फैक्टस (Bhavina Patel Facts)

  1. वर्ष 2004 में, भावना पटेल गुजरात के मेहसाणा ज़िले में अपने पैतृक गांव सुंधिया से अहमदाबाद चली गईं।
  2. भाविना पटेल को उनकी चुनौतीपूर्ण यात्रा में एक और बाधा के रूप में वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा। अहमदाबाद स्थित संगठन ब्लाइंड पीपुल्स एसोसिएशन (बीपीए) के सहयोग से भाविना पटेल पैरा-एथलीट बनने में सफल हुईं।
  3. भावना को हाल ही में खेल कोटे से कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) में नौकरी मिली है।

भाविना के प्रेरणादायक शब्द(Inspirational Words by Bhavina)

भाविना का मानना है कि खिलाड़ी की ताकत शरीर में नहीं दिमाग़ में होती है।

“आपको विजयी होने के लिए अपने दिमाग़ को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है। फिर सब कुछ ठीक हो जाता है। आप विकलांग हैं या नहीं, मैं एक ही सलाह दूंगी: कभी भी अपने आप को कम मत समझो। हर किसी के पास एक अनूठी प्रतिभा होती है, जिसे बाहर लाया जा सकता है और सम्मानित किया जा सकता है।”

“मैंने कभी खुद को विकलांग नहीं माना। आज मैंने साबित कर दिया है कि कुछ भी असंभव नहीं है।”

“जब मैंने शुरुआत की, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इस मुकाम पर पहुंचूंगी। मैं यहां हर मैच में अपना शत-प्रतिशत देने के मकसद से आई हूं। और यही मैंने अब तक किया है। अगर आप अपना शत-प्रतिशत किसी चीज को देते हैं, तो मेडल आएंगे।”

भाविना पटेल-जीवन परिचय (Bhavina Patel Biography in Hindi)

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