नाम (Name) | पवनदीप राजन (Pawandeep Rajan) |
उपनाम(Nickname) | पवनदीप (Pawandeep) |
व्यवसाय (Profession) | प्लेबैक सिंगर(Play Back Singer) |
जन्म(Date Of Birth) | 27 जुलाई 1996 (27 July 1996) |
आयु (Age) | 25वर्ष (25 Years) |
जन्म स्थान(Birth place) | चंपावत, उत्तराखंड ( Champawat, Uttarakhand) |
राष्ट्रीयता (Nationality) | भारतीय (Indian) |
धर्म (Religion) | हिन्दू (Hinduism) |
पिता का नाम (Father) | सुरेश राजन (Suresh Rajan) |
माता का नाम (Mother) | सरोज राजन (Saroj Rajan) |
बहन (Sisters) | ज्योतिदीप राजन और चांदनी राजन (Jyotideep Rajan & Chandni Rajan) |
लंबाई (Height) | 5 फिट 6 इंच (5′ 6″) |
वजन (Weight) | 60 किलोग्राम (60 kg) |
चेस्ट (Chest) | 40 इंच (40″) |
बाइसेप्स (Biceps) | 12 इंच (12″) |
आंखों का रंग (Eye Color) | काला (Black) |
बालों का रंग (Hair Color) | काला (Black) |
वैवाहिक स्थिति (Marital Status) | अविवाहित (Unmarried) |
गर्ल फ्रेंड (Affairs/Girlfriends) | Not Known |
कुल संपत्ति (Net Worth (approx.) | बीस लाख डॉलर($2 Million) |
शैक्षणिक योग्यता(Educational Qualification) | स्नातक(Graduate) |
विद्यालय(School) | यूनीवर्सिटी सीनियर सेकेण्डरी स्कूल, चम्पावत, उत्तराखण्ड (University senior Secondary School, Champawat, Uttrakhand) |
महाविद्यालय/विश्वविद्यालय(College/University) | कुमायूँ विश्वविद्यालय, नैनीताल, उत्तराखण्ड (Kumaun University, Nainital, Uttarakhand) |
पवनदीप राजन एक भारतीय गायक और संगीतकार हैं। वह उत्तराखंड के वादियों से आए हैं, न केवल अपनी अद्भुत गायन क्षमता के लिए लोकप्रिय हैं, बल्कि उन्हें विभिन्न संगीत वाद्ययंत्र बजाने के लिए भी जाना जाता है। उत्तराखंड के पवनदीप राजन ने पहाड़ी गाने गाकर उत्तराखंड के लोगों को अपना दीवाना बना लिया था और अपनी इस जादुई आवाज़ के चलते वह इंडियन टीवी शो ‘द वॉयस ऑफ इंडिया’ ‘The Voice of India’के विनर और ‘इंडियन आइडल सीजन-12’ “Indian Idol Season-12”के विनर भी रह चुके हैं।
उन्होंने अपनी आवाज़ के जादू से उत्तराखंड का नाम सभी की ज़ुबान पर ला दिया है। पवनदीप ने कई बॉलीवुड, मराठी, पहाड़ी, क्षेत्रीय, कुमाऊंनी और गढ़वाली लोक गीतों को अपनी आवाज़ दी है। पवनदीप न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी विभिन्न संगीत समारोहों में हिस्सा ले चुके हैं। उन्होंने दुबई, मलेशिया, थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों सहित लगभग 13 देशों में संगीत कार्यक्रम किए हैं और अब तक 1200 से अधिक स्टेज़ शो कर चुके हैं।
ऐसी ही महान उपलब्धियों के कारण उत्तराखंड सरकार ने पवनदीप राजन को ‘Youth Ambassador of Uttarakhand’ की उपाधि से भी सम्मानित किया था। पवनदीप राजन ने अपने जीवन की घटनाओं और अपने गायन प्रदर्शन(Singing Shows) की फ़ोटो और वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड किया है, जहां उनके इंस्टाग्राम पर 574k से अधिक Followers हैं।
15 अगस्त, 2021 को संपन्न हुए सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल -12’ (Indian Idol-12) के ग्रैंड फिनाले में विजेता घोषित।
पवनदीप राजन का जन्म 27 जुलाई 1996 को उत्तराखंड राज्य के चंपावत जिले में हुआ। उनके पिता सुरेश राजन और ताऊ सतीश राजन, उत्तराखंड के प्रसिद्ध कुमाऊँनी लोक गायक हैं। उनकी मां का नाम सरोज राजन है। दादी स्व. रति राजन भी अपने समय की लोकप्रिय लोक गायिका थीं। वह उत्तराखंड की पहली लोक गायिका स्वर्गीय कबूतरी देवी की पोती हैं। पवनदीप की नानी भी लोक गायिका थीं। पवनदीप की दो बहनें ज्योतिदीप राजन और चांदनी राजन हैं। उनकी बहन ज्योतिदीप राजन भी एक गायिका हैं। इस तरह से उनके परिवार में संगीत की एक समृद्ध परम्परा रही है।
पवनदीप ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चंपावत, उत्तराखंड, से प्राप्त की। उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से स्नातक किया है।
चूँकि घर में संगीत का माहौल था इसलिए पवनदीप राजन को भी बचपन से ही संगीत का शौक़ हो गया था। उनके पिता भी संगीत के शौक़ीन थे इसलिए उन्होंने पवनदीप को संगीत का प्रशिक्षण देना शुरू किया। पवनदीप अपनी शिक्षा के साथ-साथ संगीत का प्रशिक्षण लेते रहे। वे हर दिन एक अच्छे गायक बनते गए। पवनदीप को तबला, गिटार, ढोलक, पियानो के साथ-साथ की-बोर्ड जैसे विभिन्न संगीत वाद्ययंत्र बजाना पसंद है।
“होनहार बीरवान के होत चीकने पात” पवनदीप इस उक्ति को चरितार्थ करते हैं। साल 1998 में जब पवनदीप राजन महज़ दो साल के थे तब तबले पर उनकी उंगलियां फड़कने लगी थीं। उस वर्ष चंपावत में आयोजित कुमाऊं उत्सव में पवनदीप राजन ने अपना मंचीय कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए दर्शकों को अपनी अद्भुत और अनूठी प्रतिभा से रूबरू कराया।
आकाशवाणी अल्मोड़ा ने पवन के तबला वादन का कार्यक्रम भी प्रसारित किया। अक्टूबर 2000 में नैनीताल में आयोजित कुमाऊं महोत्सव में राज्य सरकार ने भी पवनदीप को 11 हज़ार रुपये इनाम देने की घोषणा की थी।
आज पवनदीप राजन राष्ट्रीय चैनल के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि पवनदीप राजन ने कम उम्र से ही राष्ट्रीय चैनल दूरदर्शन और ज़ी टीवी पर तबला बजाने का हुनर दिखाया था।
पवनदीप राजन ने डेढ़ साल की उम्र में अचानक थाली पर दादरा की ताल बजाई और दो साल की उम्र में तबला बजाना शुरू कर दिया। पवनदीप की प्रतिभा को देखकर कल्पना चौहान के पति राजेंद्र चौहान ने उन्हें अपने एक एल्बम में ब्रेक दे दिया। उनका गाना ‘माया बांध‘ उत्तराखंड में काफी मशहूर हुआ था।
पवनदीप राजन ने फिल्म निर्माता निर्देशक पहलाज निहलानी, गायक सोनू निगम, अदनान सामी के साथ फिल्म अभिनेता गोविंदा, बॉबी देओल सहित कई प्रसिद्ध हस्तियों के साथ काम किया है। बॉलीवुड के मशहूर सिंगर्स को अपनी आवाज़ से लुभाने वाले पवनदीप राजन शो ‘द वॉयस ऑफ इंडिया’ में सिंगर शान की टीम में थे।
सन 2015 में एंड टीवी के रियलिटी शो ,द वॉयस ऑफ इंडिया, में पवनदीप राजन ने हिस्सा लिया और इस शो के विजेता भी रहे। ‘द वॉयस ऑफ इंडिया’ शो मे अपनी मधुर और सुरीली आवाज़ के दम पर निर्णायकों, शान, सोनू निगम ,हिमेश रेशमिया और सुनिधि चौहान के दिल को जीत लिया, तब से लेकर के आज तक पवनदीप राजन को पूरे देश के लोग जानते हैं और वह एक म्यूज़िक कंपोज़र और सिंगर के रूप में अपनी जगह बनाए हुए हैं।
पवनदीप राजन शो ‘द वॉयस ऑफ इंडिया’ के विजेता बने, साथ ही उन्हें पुरस्कार में पचास लाख रुपये और एक कार मिली। इसके अलावा एक एलबम गाने का क़रार भी। ऐसी सफलता कम उम्र में कम नहीं होती है।
पवनदीप चंडीगढ़ स्थित रैत नाम के एक बैंड के सदस्य भी हैं, जहां वह मुख्य गायक के रूप में काम करते हैं।
पवनदीप राजन मल्टी टैलेंटेड हैं। गायन के अलावा, वह गिटार, की-बोर्ड, तबला, पियानो और ढोलक जैसे संगीत वाद्ययंत्र बजाते हैं। ‘इंडियन आइडल-12′ पर अपने प्रदर्शन के दौरान पवनदीप कई बार अपने इस हुनर का ज़लबा बिखेरते नज़र आए थे।
पवनदीप ने अपने स्वयं के एलबम भी बनाए हैं और 2015 में अपना एकल एलबम यक़ीन रिलीज़ किया था और 2016 में एक और एलबम छोलियार के नाम से रिलीज़ किया था। उन्होंने ऋषि वर्मा और आराध्या तांग की फिल्म रोमियो एन बुलेट में चार गाने गाए थे।
देश के सबसे बड़े सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडियल-12’ (Indian Idol-12) का ग्रैण्ड फिनाले 15 अगस्त 2021 को सम्पन्न हुआ। 28 नवम्बर 2020 को 15 प्रतियोगियो के साथ इस सीज़न की शुरुआत हुई थी। यह इस शो का सबसे लम्बा सीज़न था। इस सीज़न के फाइनल में कुल 6 प्रतिभागी थे, पवनदीप राजन, अरुणिता कांजीलाल, मोहम्मद दानिश, सायली कांबले, निहाल टौरो और शनमुख प्रिया।
गायक उदित नारायण, अलका याज्ञनिक, सुखविंदर सिंह, मीका और कुमार शानू इस शो के मुख्य अतिथि थे। विशिष्ठ अतिथि के रूप में पहलवान द ग्रेट खली दिखाई दिए। सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी अपनी नई फिल्म शेरशाह के प्रमोशन के लिए शो में उपस्थित थे। निर्णायक मण्डल में अनु मलिक, सोनू कक्कड़ और हिमेश रेशमिया नज़र आये। आदित्य नारायण और जय भानुशाली ने ग्रैंड फिनाले की सह-मेज़बानी (Co-Host) की।
इंडियन आइडल -12 की शुरुआत से ही पवनदीप सभी की पहली पसंद बन गये थे। शो के दौरान ही हिमेश रेशमिया ने उन्हें और अरुणिता कांजीलाल को ‘तेरी उम्मीद’ नाम से एक नए संगीत वीडियो के लिए चुना था और यह बहुत पसंद किया गया था। गायिका और पवनदीप की सह-प्रतियोगी अरुणिता कांजीलाल के साथ डेटिंग की अफवाहें भी ख़ूब उड़ी थीं।
पवनदीप की, इंडियन आइडल -12 में सफलता के लिए पूरे उत्तराखंड के साथ ही देशभर से लोगों ने दुआएँ मांगी थी। उनके गृह ज़िले चम्पावत में युवाओं ने एक एसएमएस ड्राइव अभियान चलाया था। इंडियन आइडल -12 में उनकी सफलता के बाद ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर उनके लिए बधाई संदेशों की बाढ़ सी आ गई है।
इंडियन आइडल-12 के विजेता पवनदीप राजन को प्रतिष्ठित ट्रॉफी, पुरस्कार राशि के रूप में 25 लाख रुपये और सुजुकी स्विफ्ट इनाम के तौर पर दी गई। अरुणिता कांजीलाल और सायली कांबले को क्रमशः प्रथम और द्वितीय उपविजेता घोषित किया गया और उन्होंने रु. 5 लाख (प्रत्येक को) इनाम राशि दी गई। जबकि मोहम्मद दानिश, निहाल टौरो और शनमुख प्रिया को तीन-तीन लाख रुपये के चेक दिए गए।
सिंगिंग रियलिटी शो जीतने के बारे में बोलते हुए, पवनदीप ने कहा- “इंडियन आइडल सीजन-12 (Indian Idol-12) का ख़िताब जीतना मेरे लिए अविश्वसनीय है। मुझे अभी भी ऐसा लगता है कि, मैं सपना देख रहा हूं मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है।
मैं अपने सभी प्रशंसकों और दर्शकों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने मुझे वोट दिया और मुझे यह सम्मानजनक ख़िताब दिलाया। मैं इस अवसर पर उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं जो इंडियन आइडल पर मेरी यात्रा का हिस्सा रहे हैं। निर्माताओं से लेकर संगीतकारों, हमारे कोचों और मेरे साथी प्रतियोगियों तक, यह ट्रॉफी आप सभी की है। इंडियन आइडल और भारत के नागरिकों को धन्यवाद। यह अहसास सबसे अच्छा है।”
आशा है पवनदीप राजन के जीवन (Pawandeep Rajan Biography) के बारे में प्रस्तुत जानकारी आपको पसंद आई होगी। अपनी राय से हमें ज़रूर अवगत कराएं।